Tag: Khaulte Huye Pani Me

Krodh Me Sach Nahi Dikhta

खौलते हुए पानी में
जिस तरह प्रतिबिम्ब
नहीं देखा जा सकता है,
उसी तरह क्रोध की
स्थिति में सच को नहीं
देखा जा सकता है…