Tag: Aapni Dosti Phoolon Ki Tarah Na Ho

Dosti Ho To Kanto Ki Tarah Ho

अपनी दोस्ती फुलों की तरह ना हो,
एक बार खिले और मुरझा जाए,
दोस्ती हो तो कांटो की तरह हो,
जो एक बार चुबे तो बार-बार याद आए…

Share Dost App