Mushkil Hai Ab In Labo Ka Kabhi Muskura Paana

मुश्किल है अब इन लबों का कभी मुस्कुरा पाना,
मुश्किल है अब इस दिल का किसी के लिए धड़क पाना,
छलकते है सिर्फ आँसू इन आखों से,
अब तो मुश्किल है इनमे किसी के लिए सपने सजाना…

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