Ham Kitne Khush Hai

“क्या फर्क पड़ता है,
हमारे पास कितने लाख,
कितने करोड़,
कितने घर,
कितनी गाड़िया है,
खाना तो बस दो ही रोटी है!
जीना तो बस एक ही जिंदगी है,
फर्क इस बात से पड़ता है,
कितने पल हमने ख़ुशी से बिताये,
कितने लोग हमारी वजह से ख़ुशी से जीए…!

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